CBSE Class 12 Hindi Electives 02

CBSE Class 12 हिंदी ऐच्छिक
Sample Paper 02

निर्धारित समय : 3 घण्टे | अधिकतम अंक : 80

सामान्य निर्देशः

  1. सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
  2. सभी प्रश्नों के अंक उसके सामने दिए गए हैं।

खण्ड – क

  1. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए – (11)
    वर्तमान युग सुविधावादी युग है। प्राचीन युग में राजा-महाराजाओं के लिए सुलभ सामग्री वर्तमान में जन-साधारण के लिए उपलब्ध है। फिर भी हर व्यक्ति तनावग्रस्त दिखाई देता है। उसे पहले से कहीं अधिक चिंताएँ चारों ओर घेरे हुए हैं। हालांकि जहाँ जीवन है, वहाँ समस्याएँ व कठिनाइयाँ होती ही हैं। ये ही तो जीवन के होने का सबूत होती हैं। उनका समाधान और प्रतिकार सशक्त विचार, आंतरिक बल और साहस से ही हो सकता है। आत्मविश्वास की ज्योति प्रज्ज्वलित करने से ही विकास का मार्ग प्रशस्त हो सकता है, समाधान की दिशा प्राप्त हो सकती है। व्यक्ति व परिस्थिति का गहरा सम्बन्ध है जिसे अनुकूल परिस्थितियाँ प्राप्त होती हैं वह सहजता से विकास कर सकता है।
    प्रतिकूल परिवेश में सफलता कठिन होती है। जिसका आत्मबल प्रबल है, वह प्रतिकूल परिस्थितियों को भी अनुकूलता में बदल सकता है। उसके अभाव में सौभाग्य से प्राप्त अवसर भी अभिशाप बन जाते हैं । अतः स्वयं को दीन-हीन समझना भी पाप है।
    आधुनिक मनोविज्ञान के अनुसार महत्ता की ग्रंथि अर्थात् सुपिरियॉरिटी कॉम्प्लेक्स व हीनता की ग्रंथि यानि इनफिरियॉरिटी कॉम्प्लेक्स – इन दोनों ग्रंथि से जीवन में प्रगति व सफलता पाने हेतु मुक्ति प्राप्त करना जरूरी है। अतः जीवन में हीनता व भीरूता की भावना को प्रोत्साहन न दें। आत्मशक्ति का आधार सबल बनाएँ जीवन की धारा को संतुलित व व्यवस्थित करें। कुछ बड़ा सोचें, ऐसी दुनिया बनाएँ जिसके बारे में हमसे पहले किसी ने सपना भी न देखा हो।

    1. महत्ता की ग्रंथि व हीनता की ग्रंथि से मुक्ति पाना क्यों आवश्यक है? (2)
    2. जीवन में अनुकूल व प्रतिकूल परिस्थितियों का क्या प्रभाव पड़ता है? (2)
    3. प्रबल आत्मबल जीवन में सहायक है। कैसे? (2)
    4. जीवन की समस्याओं का समाधान कैसे संभव है? (2)
    5. आत्मविश्वास का गुण मानव जीवन को किस दिशा में ले जाने में सहायक है? (2)
    6. लेखक मानव को जीवन में कैसी सोच बनाने की प्रेरणा दे रहा है? (1)
  2. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (1×5=5)
    विषुवत रेखा का वासी जो
    जीता है नित हाँफ-हाँफ कर
    रखता है अनुराग अलौकिक
    वह भी अपनी मातृभूमि पर।
    ध्रुववासी जो हिम में, तम में
    जी लेता है काँप-काँप कर।
    वह भी अपनी मातृभूमि पर
    कर देता है प्राण-निछावर
    तुम तो हे प्रिय बंधु! स्वर्ग-सी,
    सुखद, सकल विभवों की आकर
    धरा शिरोमणि मातृभूमि में
    धन्य हुए हो जीवन पाकर।

    1. भारतवासी का जीवन धन्य क्यों है?
    2. ध्रुवीय क्षेत्र में रहने वालों के जीवन में क्या-क्या कठिनाइयाँ हैं?
    3. विषुवत रेखा का वासी हाँफ-हाँफ कर क्यों जीता है?
    4. धरा-शिरोमणि मातृभूमि का क्या आशय है?
    5. उपर्युक्त काव्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
    अथवा

    ओ नन्ही-सी बच्ची को
    क्या हुआ जो तुम्हें किसी ने चूमा तक नहीं
    तुम्हारी माँ मुँह फेर रोती रही रात भर
    और तुम्हारा पिता लौट गया बाहर ही बाहर
    क्या हुआ जो तुम्हारी दादी ने बधावे नहीं दिए
    और उनका यह आँगन पँवरियों की ढोलकों से
    आबाद नहीं हुआ
    तुम रोती रही, रोती रही
    और किसी ने चूमा तक नहीं
    तुम जो अभी-अभी जनमी हो
    तुम्हारी यह देह बरगद के टूसे-सी टहक रही है
    केशों से भरा यह माथा कस्तूरी-सा
    फेंकता है सुगंध
    खोलो तुम आँख
    देखो
    भविष्य अपने दोनों हाथों से सँवारता है तुम्हारा चेहरा
    तुम कल के हर बच्चे से सुंदर और साफ हो

    1. नन्ही बच्ची को किसी ने क्यों नहीं चूमा?
    2. माँ मुँह फेर कर रात भर क्यों रोती रही?
    3. इस कविता में कवि समाज की किस प्रवृत्ति की ओर संकेत कर रहा है?
    4. कवि नवजात बच्ची से आँख खोलने को क्यों कहता है?
    5. देह बरगद के टूसे-सी टहक रही है पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

खण्ड – ख

  1. नए और अप्रत्याशित विषयों में से किसी एक विषय पर रचनात्मक, लेखन कीजिए- (5)
    1. सावन की पहली झड़ी
    2. इम्तहान के दिन
    3. एक काम काजी औरत की शाम
    4. चौराहे पर भीख मांगता हुआ बचपन
  2. अपने क्षेत्र में मलेरिया फैलने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए। (5)
    अथवा

    दिल्ली नगर निगम के अध्यक्ष को एक आवेदन पत्र लिखिए जिसमें लिपिक पद के लिए आवेदन किया गया हो।

  3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए- (4)
    1. मुद्रित माध्यम की किन्हीं दो विशेषताओं को बताइए।
    2. खोजी रिपोर्ट से आप क्या समझते है?
    3. उल्टा पिरामिड शैली से क्या अभिप्राय है?
    4. बीट किसे कहते है?
  4. नाटक की भाषा-शैली कैसी होनी चाहिए? (3)
    अथवा

    कहानी का केंद्र-बिंदु कथानक होता है। स्पष्ट करें।

  5. जनसंचार माध्यमों में प्रिंट माध्यम का क्या महत्व है? (3)
    अथवा

    बीट रिपोर्टिंग और विशेषीकृत रिपोर्टिंग में क्या अंतर है?

खण्ड – ग

  1. निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए- (6)
    मुझ भाग्यहीन की तू संबल
    युग वर्ष बाद जब हुई विकल
    दुख ही जीवन की कथा रहीं
    क्या कहूँ आज जो नहीं कही।
    हो इसी कर्म पर वज्रपात
    यदि धर्म, रहे नत सदा माथ
    इस पथ पर, मेरे कार्य सकल
    हो भ्रष्ट शीत के से शतदल
    कन्ये, गत कर्मो का अर्पण कर,
    करता मै तेरा तर्पण।

    अथवा

    बहुत दिनान को अवधि आसपास परे
    खरे अरबरनि भरे है उठि जान को।
    कहि कहि आवन छबीले मन भावन को
    गहि गहि राखति ही दै दै सनमान को।।
    झूठी बतियानि की पत्यानि तें उदास ह्वै कै,
    अब ना घिरत घन आनंद निदान को।
    अधर लगे हैं आनि करि कै पयान प्रान,
    चाहत चलन ये सँदेसो लै सुजान को।।

  2. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लिखिए:- (2+2=4)
    1. देवसेना की हार या निराशा के क्या कारण हैं?
    2. आधे-आधे गाने के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है? ‘तोड़ो’ कविता के आधार पर उत्तर दीजिए।
    3. हाथ फैलाने वाले व्यक्ति को कवि ने ईमानदार क्यों कहा है? ‘एक कम’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
  3. निम्नलिखित में से किन्हीं दो काव्यांशों का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए:- (3×2=6)
    1. चलती सड़क के किनारे लाल बजरी पर
      चुरमुराए पाँव तले
      ऊँचे तरुवर से गिरे
      बड़े-बड़े पियराए पत्ते
      कोई छः बजे सुबह जैसे गरम पानी से नहाई हो
      खिली हुई हवा आई, फिरकी-सी आई, चली गई।
    2. राधौ एक बार फिरि आवौ।
      ए बर बाजि बिलोकि आपने बहुरो बनहिं सिंधावों।।
      जे बर प्याइ पोखि कर-पंकज बार बार चुचकारे।
      क्यों जीवहि मेरे राम लाडिले। ते अब निपट बिसारे।।
    3. किसी अलक्षित सूर्य को
      देता हुआ अर्ध्य
      शताब्दियों से इसी तरह
      गंगा के जल में
      अपनी एक टाँग पर खड़ा है यह शहर
      अपनी दूसरी टाँग से
      बिल्कुल बेखबर!
  4. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए:- (5)
    जरा-सी आहट पाते ही वे एक साथ सिर उठाकर चौंकी हुई निगाहों से हमें देखती हैं बिलकुल उन युवा हिरणियों की तरह, जिन्हें मैंने एक बार कान्हा के वन्यस्थल में देखा था। किंतु वे डरती नहीं, भागती नहीं, सिर्फ विस्मय से मुस्कुराती हैं और फिर सिर झुकाकर अपने काम में डूब जाती हैं …. यह समूचा दृश्य इतना साफ और सजीव है अपनी स्वच्छ मांसलता में इतना संपूर्ण और शाश्वत कि एक क्षण के लिए विश्वास नहीं होता कि आने वाले वर्षों में सब कुछ मटियामेट हो जाएगा झोंपड़े, खेत, ढोर, आम के पेड़-सब।

    अथवा

    चौधरी साहब एक खासे हिंदुस्तानी रईस थे। वसंत पंचमी, होली इत्यादि अवसरों पर उनके यहाँ खूब नाचरंग और उत्सव हुआ करते थे। उनकी हर अदा से रियासत और तबीयतदारी टपकती थी। कंधों तक बाल लटक रहे हैं। आप इधर से उधर टहल रहे हैं। एक छोटा-सा लड़का पान की तश्तरी लिए पीछे-पीछे लगा हुआ है। बात की काँट-छाँट का क्या कहना है! जो बातें उनके मुँह से निकलती थीं, उनमें एक विलक्षण वक्रता रहती थी। उनकी बातचीत का ढंग उनके लेखों से एकदम निराला होता था। नौकरों तक के साथ उनका संवाद सुनने लायक होता था।

  5. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लिखिए। (3×2=6)
    1. बड़ी बहुरिया का संवाद हरगोबिन क्यों नहीं सुना पाया? उसकी विवशता पर टिप्पणी कीजिए।
    2. प्रकृति के कारण विस्थापन और औद्योगीकरण के कारण विस्थापन में क्या अंतर है?
    3. कुटज क्या केवल जी रहा है? लेखक ने यह प्रश्न उठाकर किन मानवीय कमजोरियों पर टिप्पणी की है?
  6. “रामविलास शर्मा” अथवा “निर्मल वर्मा” का साहित्यिक परिचय दीजिए। (5×1=5)
    अथवा

    “जयशंकर प्रसाद” अथवा “तुलसीदास” का साहित्यिक परिचय दीजिए।

  7. निम्नलिखित किसी एक प्रश्न का उत्तर अंतराल के आधार पर दीजिए। (4×1=4)
    1. सूरदास उठ खड़ा हुआ और विजय गर्व की तंरग में राख के ढेर को दोनों हाथों से उड़ाने लगा। इस कथन के संदर्भ में सूरदास की मनोदशा का वर्णन कीजिए।
    2. शैला और भूप ने किस प्रकार पहाड़ पर अपनी मेहनत से नई जिंदगी शुरू की?
  8. निम्नलिखित में से किन्ही दो प्रश्नों का उत्तर दीजिए। (4×2=8)
    1. लेखक को क्यों लगता है कि हम जिसे विकास की औद्योगिक सभ्यता कहते हैं? वह उजाड़ की अपसभ्यता है। आप क्या मानते है?
    2. गर्मी और लू से बचने के लिए उपायों का विवरण दीजिए। क्या आप भी उन उपायों से परिचित हैं?
    3. रूप सिंह पहाड़ पर चढ़ना सीखने के बावजूद भूप सिंह के सामने बौना क्यों पड़ गया था?
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