CBSE Class 12 Political Science 03

CBSE Class 12 राजनीति विज्ञान
Sample Paper 03

निर्धारित समय : 3 घण्टे
अधिकतम अंक : 80

सामान्य निर्देश-

  1. प्रश्न-पत्र क, ख, ग, घ, और ङ अनुभागों में विभाजित है।
  2. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
  3. प्रश्न संख्या 1-20 तक सभी प्रश्न एक अंक के हैं। इन प्रश्नों के उत्तर दिए गए निर्देशों के अनुसार दीजिए।
  4. प्रश्न संख्या 21-23 तक सभी प्रश्न दो-दो अंकों के हैं। इन प्रश्नों के उत्तर 40 शब्दों से अधिक नहीं होने चाहिए।
  5. प्रश्न संख्या 24-27 तक सभी प्रश्न चार अंकों के हैं। इन प्रश्नों के उत्तर 100 शब्दों से अधिक नहीं होने चाहिए।
  6. प्रश्न संख्या 28-30 तक सभी प्रश्न पाँच अंकों के हैं। इन प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों से अधिक नहीं होने चाहिए।
  7. प्रश्न संख्या 31 मानचित्र पर आधारित है और पाँच अंक का है। इसका उत्तर अपनी उत्तरपुस्तिका में लिखिए।
  8. प्रश्न संख्या 32-34 तक सभी प्रश्न छः अंकों के हैं। इन प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों से अधिक नहीं होने चाहिए।

अनुभाग (क)

  1. निम्न में से कौन-सा कथन गुटनिरपेक्ष आंदोलन के उद्देश्यों पर प्रकाश नहीं डालता?
    1. उपनिवेशवाद से मुक्त हुए देशों को स्वतंत्र नीति अपनाने में समर्थ बनाना।
    2. किसी भी सैन्य गठबंधन में शामिल होने से इंकार करना।
    3. वैश्विक मामलों तटस्थता की नीति अपनाना।
    4. वैश्विक आर्थिक असमानता की समाप्ति पर ध्यान केंद्रित करना।
  2. इनमें से किसने खुले द्वार की नीति अपनाई।
    1. चीन,
    2. यूरोपीय संघ,
    3. जापान,
    4. अमरीका।
  3. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार सजाएँ।
    1. अफगान संकट
    2. वर्लिन-दीवार का गिरना
    3. सोवियत संघ का विघटन
    4. रूसी क्रांति
  4. ________ संयुक्त राष्ट्र संघ के वर्तमान महासचिव है।
  5. वैश्वीकरण के बारे में कौन सा कथन सही है?
    1. वैश्वीकरण सिर्फ आर्थिक परिघटना है।
    2. वैश्वीकरण की शुरुआत 1991 में हुई।
    3. वैश्वीकरण और पश्चिमीकरण समान है।
    4. वैश्वीकरण एक बहुआयामी घटना है।
  6. अप्रैल 1949 में किस संगठन की स्थापना हुई?
  7. वर्चस्व का क्या अर्थ है?
  8. भारत के किस क्षेत्र के राज्यों को ‘सात बहनें’ कहा जाता है।
  9. भारतीय किसान यूनियन की किसी एक गतिविधि को बताइए।
  10. SAARC का विस्तृत रूप लिखें।
  11. “बॉम्बे प्लान” के बारे में निम्नलिखित में कौन-सा सही नहीं है।
    1. यह भारत के आर्थिक भविष्य का एक ब्लूप्रिंट था।
    2. इसमें उद्योगों के ऊपर राज्य के स्वामित्व का समर्थन किया गया था।
    3. इसकी रचना कुछ अग्रणी उद्योगपतियों ने की थी।
    4. इसमें नियोजन के विचार का पुरजोर समर्थन किया गया था।
  12. राज्य पुनर्गठन आयोग कब बनाया गया?
  13. स्वतंत्र पार्टी का निर्देशक सिद्धांत क्या था?
  14. EVM का विस्तृत रुप लिखिए।
  15. केरल मॉडल किसे कहते हैं?
  16. 1969 में राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस का अधिकृत उम्मीदवार कौन था?
  17. 1977 में केंद्र में सत्ता में आई राजनीतिक पार्टी का नाम लिखिए।
  18. ‘प्रेस सेंसरशिप’ क्या है?
  19. नीति आयोग की स्थापना कब की गई?
  20. मिजो नेशनल फ्रंट के संस्थापक कौन थे?

अनुभाग (ख)

  1. ऑपरेशन “डेजर्ट-स्टार्म” क्या था?
  2. दक्षेस की किन्हीं दो विशेषताएं को लिखिए।
  3. जन आंदोलनों के महत्व को उजागर कीजिए।

अनुभाग (ग)

  1. भारत की सुरक्षा रणनीति के किन्हीं चार घटकों का उल्लेख कीजिए।
  2. पर्यावरण संबंधी मसलों पर भारत के पक्ष की व्याख्या कीजिए।
  3. भारतीय राजनीति में ‘दल-बदल’ से क्या अभिप्राय है? इसके कोई दो अवगुण उजागर कीजिए।
  4. मिजो पर्वतीय क्षेत्र में अलगाववादी आंदोलन को जनसमर्थन क्यों मिलने लगा? इस समस्या का समाधान कैसे निकाला?

अनुभाग (घ)

  1. निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और इसके आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
    लगभग सभी नए सामाजिक आंदोलन नई समस्याओं जैसे पर्यावरण का विनाश, महिलाओं की बदहाली, आदिवासी संस्कृति का नाश और मानवाधिकारों का उल्लंघन….. के समाधान को रेखांकित करते हुए उभरे। इनमें से कोई भी अपने आप में समाज व्यवस्था के मूलगामी बदलाव के सवाल से नहीं जुड़ा था। इस अर्थ में से आंदोलन अतीत की क्रांतिकारी विचारधाराओं से एकदम अलग है। लेकिन ये आंदोलन बड़ी बुरी तरह से विखरे हुए हैं और यही इनकी कमजोरी है… सामाजिक आंदोलनों का एक बड़ा दायरा ऐसी चीजों की चपेट में है कि वह एक ठोस तथा एकजुट जन आंदोलन का रूप नहीं ले पाता और ना ही वंचितों और गरीबों के लिए प्रासंगिक हो पाता है। ये आंदोलन बिखरे-बिखरे हैं, प्रतिक्रिया के तत्वों से भरे हैं, अनियमित और बुनियादी सामाजिक बदलाव के लिए इनके पास कोई फ्रेमवर्क नहीं है। ‘इस’ या ‘उस’ के विरोध में चलने के कारण इनमें कोई संगति आती हो अथवा दबे-कुचले लोगों और हाशिए के समुदायों के लिए यह प्रासंगिक हो पाते हैं ऐसी बात नहीं। – (रजनी कोठारी) (1+2+2)

    1. नए सामाजिक आंदोलन और क्रांतिकारी विचार धाराओं में क्या अंतर है?
    2. लेखक के अनुसार सामाजिक आंदोलन की सीमाएं क्या-क्या है?
    3. यह सामाजिक आंदोलन विशिष्ट मुद्दों को उठाते हैं तो आप उन्हें बिखरा हुआ कहेंगे या मानेंगे कि वे अपने मुद्दे पर कहीं ज्यादा केंद्रित है। अपने उत्तर की पुष्टि में तर्क कीजिए।
    अथवा

    भारत की दलगत राजनीति ने कई चुनौतियों का सामना किया है। कांग्रेस प्रणाली ने अपना खात्मा ही नहीं किया बल्कि कांग्रेस के जमावड़े के बिखर जाने से आत्म-प्रतिनिधित्व की नयी प्रवृत्ति का भी जोर बड़ा। इससे दलगत व्यवस्था और विभिन्न हितों की समाई करने की इसकी क्षमता पर भी सवाल उठे। राज्यवस्था के सामने एक महत्वपूर्ण काम एक ऐसी दलगत व्यवस्था खड़ी करने अथवा राजनीतिक दलों को गढ़ने का है, जो कारगर तरीके से विभिन्न हितों के मुखर और एकजुट करें…. -(जोया हसन) (2+2+1)

    1. इस अध्याय के पढ़ने के बाद क्या आप दलगत व्यवस्था की चुनौतियों की सूची बना सकते हैं?
    2. विभिन्न हितों का समाहार और उनके एकजुटता का होना क्यों जरूरी है?
    3. इस अध्याय में आप ने अयोध्या विवाद के बारे में पड़ा। इस विवाद ने भारत की राजनीतिक दलों की समाहार की क्षमता के आगे क्या चुनौती पेश की।
  2. दिए गए अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
    शीतयुद्ध सिर्फ जोर आजमाइश, सैनिक गठबंधन अथवा शक्ति संतुलन का मामला भर नहीं था बल्कि इसके साथ-साथ विचारधारा के स्तर पर भी एक वास्तविक संघर्ष जारी था। विचारधारा की लड़ाई इस बात को लेकर थी कि पूरे विश्व में राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन को सूत्रबद्ध करने का सबसे बेहतर सिद्धांत कौन-सा था। (1+2+2)

    1. युद्ध जैसी परिस्थिति को शीत युद्ध क्यों कहते हैं?
    2. प्रतिद्वंद्वियों में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक महाशक्ति द्वारा किए गए एक-एक सैनिक समझौते की पहचान कीजिए।
    3. विरोधी गुटों द्वारा अपनाई गई विचारधाराओं में अंतर स्पष्ट कीजिए।
    अथवा

    1992 में बिल क्लिंटन अमेरिका के राष्ट्रपति बने। क्लिंटन ने विदेश नीत की जगह घरेलू नीत को अपने चुनाव प्रचार का निशाना बनाया था। क्लिंटन 1996 में दोबारा चुनाव जीते और इस तरह 8 सालों तक राष्ट्रपति पद पर रहे। क्लिंटन के दौर में ऐसा जान पड़ता था कि अमेरिका ने अपने को घरेलू मामलों तक सीमित कर लिया है। विदेश नीति के मामले में क्लिंटन सरकार ने सैन्य शक्ति और सुरक्षा जैसी कठोर राजनीति की जगह लोकतंत्र के बढ़ावे जलवायु परिवर्तन तथा विश्व व्यापार जैसे नरम मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। (2+1+2)

    1. 1992 में राष्ट्रपति बने बिल क्लिंटन किस पार्टी के उम्मीदवार थे तथा उन्होंने किस उम्मीदवार को हराया?
    2. क्लिंटन के चुनाव प्रचार के मुख्य मुद्दे क्या थे?
    3. क्लिंटन ने किन मुद्दों को अपने कार्यकाल के दौरान उठाया?
  3. निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    “बतकही की चौपाल, ठीक कहा आपने! संयुक्त राष्ट्र संघ मैं खूब बैठकें होती हैं दनादन भाषण होते हैं- खासकर आम सभा के वार्षिक सत्र में। लेकिन, जैसा कि चर्चिल कहते थे, हथियार लड़ाने से बढ़िया है कि जबान लड़ाई जाए। क्या यह बात बेहतर नहीं की एक ऐसी जगह भी हो जहाँ दुनिया के सारे देश इकट्ठे हो और कभी-कभार अपनी बातों से एक-दूसरे का सर खाएं, बनस्पति लड़ाई के मैदान में एक-दूसरे का सर कलम करने के?” – (शशि थरूर) (2+1+2)

    1. संयुक्त राष्ट्र आम सभा का वार्षिक सत्र कब होता है?
    2. चर्चिल कौन थे?
    3. ‘हथियार लड़ाने से बढ़िया कि जबान लड़ाई जाए’। इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
    अथवा

    धरती के परिस्थितिकी तंत्र की अखंडता और गुणवत्ता की बहाली सुरक्षा तथा संरक्षण के लिए विभिन्न देश विश्व-बंधुत्व की भावना से आपस में सहयोग करेंगे। पर्यावरण के विश्वव्यापी अपक्षय में विभिन्न राज्यों का योगदान अलग-अलग है। इसे देखते हुए विभिन्न राज्यों की साझी परंतु अलग-अलग जिम्मेदारी होगी। विकसित देशों के समाजों का वैश्विक पर्यावरण पर दबाव ज्यादा है और इन देशों के पास विपुल प्रौद्योगिकी एवं वित्तीय संसाधन है। इसे देखते हुए टिकाऊ विकास के अंतरराष्ट्रीय प्रयास में विकसित देश अपनी खास जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। (1+2+2)

    1. ये बातें कब और कहाँ कहीं गई थी?
    2. “साझी परंतु अलग-अलग जिम्मेदारी” का क्या अर्थ है?
    3. टिकाऊ विकास का क्या अर्थ है?
  4. दिए गए एशिया के रेखा मानचित्र में 5 देशों को A, B, C, D तथा E द्वारा दर्शाया गया है। नीचे दी गई जानकारी के आधार पर इनकी पहचान कीजिए और अपनी उत्तर पुस्तिका में इनके सही नाम, प्रयोग की गई जानकारी की क्रम संख्या तथा संबंधित अक्षर तालिका के रूप में लिखिए।

    1. इस देश में सैनिक तथा असैनिक दोनों प्रकार का शासन रहा है।
    2. इस देश में लोकतंत्र की पुर्नस्थापना 2006 में हुई।
    3. यह देश अभी भी एक राजतंत्र है।
    4. इस देश की संसद ने जून 2005 में सर्वसम्मति से बहुदलीय प्रणाली लागू करने की स्वीकृति प्रदान की।
    5. यह देश भारत की ‘पूरब चलो की नीति म्यांमार होते हुए’ का एक भाग
    अथवा

    दिए गए चित्र के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (1+2+2)

    1. चित्र क्या दर्शा रहा है?
    2. क्या संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका को मनमानी करने से रोक सकता है?
    3. “अगर दाएं हाथ में से बात नहीं समझोगे तो बाएं हाथ से समझाई जाएगी” इस कथन से क्या अभिप्राय है?

    नोटः- निम्नलिखित प्रश्न केवल दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए प्रश्न संख्या 31 के स्थान पर है-

    1. उस राज्य का नाम लिखिए जहां 2002 में गोधरा नामक स्थान पर हिंसक घटना घटित हुई थी।
    2. किस राज्य को पहले मद्रास कहा जाता था?
    3. कौन सा राज 1975 में 22वें राज्य के रूप में भारत से जुड़ा था?
    4. लालडेंगा किस राज्य से संबंधित था?
    5. उस राज्य का नाम लिखिए जहां की विधानसभा में भारत में सर्वाधिक सीटें हैं।

अनुभाग (ङ)

  1. “गुटनिरपेक्ष आंदोलन अब अप्रासंगिक हो गया है।” आप इस कथन के बारे में क्या सोचते हैं। अपने उत्तर के समर्थन में तर्क प्रस्तुत करें।
    अथवा

    “साझी परंतु अलग-अलग जिम्मेदारियों से क्या अभिप्राय है?” हम इस विचार को कैसे लागू कर सकते हैं?

  2. स्वतंत्रता के समय भारत के समझ आई किन्हीं तीन चुनौतियों की व्याख्या कीजिए।
    अथवा

    हरित क्रांति के सकारात्मक और नकारात्मक परिणामों का वर्णन कीजिए।

  3. अगर आपको भारत की विदेश नीति के बारे में फैसला लेने को कहा जाए तो आप इसकी किन दो बातों को बदलना चाहेंगे। ठीक उसी तरह यह भी बताएं कि भारत की विदेशी नीति के किन दो पहलुओं को आप बरकरार रखना चाहेंगे। अपने उत्तर के समर्थन में तर्क दीजिए।
    अथवा

    1975 में भारत में आपातकाल लगाए जाने के किन्हीं छः कारणों का परीक्षण कीजिए।

X